
बीती रात कैसरगंज क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक साल की मासूम बच्ची अपनी मां के पास थी, तभी आदमखोर भेड़िया उसे उठाकर ले गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
Maneaters of Bahraich: Why two villages in UP are spending sleepless nights
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। गांवों में डर का माहौल है और लोग रात तो छोड़िए, अब दिन में भी अपने बच्चों को अकेला बाहर नहीं भेज पा रहे हैं। ताजा घटनाओं ने एक बार फिर प्रशासन और वन विभाग की चुनौतियों को बढ़ा दिया है।
मां के पास से बच्ची को उठा ले गया भेड़िया
बीती रात कैसरगंज क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक साल की मासूम बच्ची अपनी मां के पास थी, तभी आदमखोर भेड़िया उसे उठाकर ले गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और रात से ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
आंगन में खेल रही बच्ची पर हमला
कैसरगंज के गोड़हिया नंबर दो गांव में देर शाम एक और वारदात हुई। घर के आंगन में खेल रही तीन साल की बच्ची पर भेड़िए ने अचानक हमला कर दिया। भेड़िया बच्ची को मुंह में दबाकर भागा, लेकिन परिजनों के शोर मचाने और पीछा करने पर करीब 300 मीटर दूर झाड़ियों में उसे घायल हालत में छोड़कर फरार हो गया। घायल बच्ची को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद गांव के लोग दहशत में हैं।
एक हफ्ते पहले भी हुई थी जानलेवा वारदात
यह पहला मामला नहीं है। पिछले हफ्ते थाना कोतवाली कैसरगंज क्षेत्र के गोड़हिया नंबर चार के मजरा जरूआ गांव में रात करीब तीन बजे रामकुमार की एक वर्षीय बेटी आरवी को भेड़िया उठा ले गया था। बच्ची अपनी मां के साथ बरामदे में सो रही थी। भेड़िया उसे मुंह में दबाकर गन्ने के खेत की ओर भाग निकला और मासूम की जान नहीं बच सकी।
कोहरे और ऊंची फसल बनी चुनौती
घटनाओं की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) डॉक्टर राम सिंह यादव ने बताया कि रात साढ़े तीन बजे सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि, घना कोहरा और गन्ने की ऊंची फसल तलाशी अभियान में बड़ी बाधा बनी। ड्रोन कैमरों को भी रात में दिक्कत आई। दिन निकलते ही दोबारा कांबिंग ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और आदमखोर भेड़िए को पकड़ने या मार गिराने के प्रयास जारी हैं।
तीन महीने में 11 मौतें, 33 घायल
बहराइच जिले में बीते तीन महीनों से भेड़ियों का आतंक जारी है। 10 सितंबर से शुरू हुआ यह सिलसिला अब तक थमा नहीं है। इन हमलों में अब तक नौ मासूम बच्चों और एक बुजुर्ग दंपत्ति समेत कुल 11 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा 33 लोग घायल हुए हैं। वन विभाग का दावा है कि अब तक चार भेड़ियों को मार गिराया गया है, लेकिन बचे हुए भेड़िए लगातार नई वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। 28 और 29 नवंबर को भी दो मासूम बच्चे भेड़ियों का शिकार बने थे।
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और डर है। लोग वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने, बच्चों को अकेला न छोड़ने और रात में सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आदमखोर भेड़ियों को पूरी तरह काबू में नहीं किया जाता, तब तक इलाके में खतरा बना रहेगा।
बहराइच में भेड़ियों का यह कहर प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन चुका है, जहां हर नई सुबह किसी अनहोनी की आशंका के साथ शुरू हो रही है।




