8 में से छह चीतों की मौत के बाद जागी मोदी सरकार, ट्रेनिंग के लिए नामीबिया जाएंगे अधिकारी

Kuno Park, will now send officers and employees to Namibia for training

Modi gov. wakes up after the death of 6 cheetahs in Kuno Park, will now send officers and employees to Namibia for training
Kuno Park, will now send officers and employees to Namibia for training

भोपाल में सीएम शिवराज, वन मंत्री डॉ. विजय शाह और अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि चीतों की सुरक्षा, संवर्धन और प्रस्तावित चीता प्रोटेक्शन फोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय संसाधन सहित हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

Modi gov. wakes up after the death of 6 cheetahs in Kuno Park, will now send officers and employees to Namibia for training

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 3 चीतों और तीन चीता शावकों की मौत के बाद अब मोदी सरकार जागी है। राज्य के दौरे पर आए केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज कहा कि चीता परियोजना अंतर्गत चीता संरक्षण और प्रबंधन में संलग्न अधिकारी और कर्मचारियों को प्रशिक्षण और अध्ययन प्रवास के लिए चयनित कर नामीबिया (दक्षिण अफ्रीका) भेजा जाएगा।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल आए केन्द्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वन मंत्री डॉ. विजय शाह और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा चीतों की सुरक्षा, संरक्षण, संवर्धन और प्रस्तावित चीता प्रोटेक्शन फोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय संसाधन सहित हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

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केन्द्रीय मंत्री यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के लिए अतिरिक्त वन रक्षक और वनपाल की व्यवस्था का आग्रह करते हुए कहा कि अधो-संरचना और मानव संसाधन दोनों आवश्यक हैं। परियोजना से संबंधित भ्रामक सूचनाएं प्राय: सामने आती हैं। आमजन को भी प्रामाणिक जानकारी मिलना चाहिए। वर्तमान में कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सात चीते खुले वन क्षेत्र और 10 चीते अनुकूलन बाड़ों में रह रहे हैं। आगामी नवम्बर तक चीतों के लिए वैकल्पिक रहवास के तौर पर गांधी सागर अभयारण्य को भी तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कूनो में भी अनुमानित क्षमता के मुकाबले अभी चीते कम हैं। चीतों की देखभाल करने वाला स्टॉफ भी परिश्रमी है। परियोजना निश्चित ही सफल होगी। मध्य प्रदेश सरकार गंभीरता से परियोजना के क्रियान्वयन के लिए कार्य कर रही है। परियोजना में फॉरेन एक्सपर्ट की सेवाएँ निरंतर मिल ही रही हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश चीता स्टेट है। यह प्रतिष्ठा की बात है। राज्य सरकार चीता परियोजना की सफलता के लिए प्रतिबद्ध है। प्रारंभ में ही चीता शावकों के जन्म के सर्वाइवल रेट की जानकारी दी गई थी। चीता परियोजना से जुड़ा सम्पूर्ण अमला, जज्बे के साथ कार्य कर रहा है। परियोजना की प्रगति संतोषजनक है।

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने निर्देश दिए कि चीतों के लिए वैकल्पिक रहवास के लिए गांधी सागर अभयारण्य में आवश्यक व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर पूर्ण करवाई जाएं। बैठक में परियोजना से पर्यटन विकास की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। वन मंत्री डॉ. विजय शाह ने चीता की मॉनिटरिंग में तैनात कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से आधुनिक वाहन भी उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया।

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