
इंडिगो की फ्लाइट दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बच गई. दरअसल, मदुरै से चेन्नई जा रही इंडिगो की फ्लाइट में लैंडिग के दौरान विंडशिल्ड में दरार दिखने से हलचल मच गया.
IndiGo Flight’s Windshield Cracks Mid-Air Before Landing
मदुरै से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट शनिवार को हादसे की शिकार होते-होते बच गई. पायलट की सावधानी की वजह से यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई. दरअसल, इंडिगो (फ्लाइट संख्या 7253) के प्लेन के लैंडिग के दौरान पायलट की नजर विंडशील्ड (सामने के शीशे) में दरार पर चली गई. लैंडिंग के तुरंत बाद पायलट ने इसे नोटिस किया. उसने तुरंत इंजीनियरिंग टीम को जानकारी किया. घटना की जानकारी मिलते ही विमान को जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया. प्रारंभिक जांच में पता चला कि दरार विंडशील्ड के बाहरी हिस्से में है. अभी फ्लाइट का निरीक्षण हो रहा है. पूरी मेंटेनेंस चेक होने के बाद ही फ्लाइट को फिर से उड़ान के लिए मंजूरी दी जाएगी
इंडिगो एयरलाइंस ने एक बयान में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. कंपनी ने आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है. फ्लाइट में सवार 178 यात्रियों और चालक दल के 6 सदस्यों को सुरक्षित उतारा गया. फ्लाइट की तकनीकी डेटा की गहन जांच के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है. यह घटना सिविल एविएशन डायरेक्टरेट (DGCA) की निगरानी में है. अगर जांच में कोई गंभीर कमी पाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया पर यात्री और विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं. एक यात्री ने X पर लिखा, ‘इंडिगो का विमान पहले सुरक्षित था, लेकिन तकनीकी खामियां चिंता का विषय बन गया है.’ पिछले साल भी इंडिगो के दो विमानों में तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं, जिसके बाद कंपनी पर जुर्माना लगा था. इस बार भी DGCA जांच की नजर रखेगी. इंडिगो ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों का प्रबंध करने का वादा किया है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि विंडशील्ड में दरार आम नहीं है. यह फ्लाइट के रखरखाव या फिर क्वालिटी से जुड़ा रहता है. ताजा खबर के अनुसार, 11 अक्टूबर 2025 सुबह 11 AM तक जांच पूरी नहीं हुई. अगर विमान अनफिट पाया गया तो इसे रिपेयर या रिटायर करना पड़ सकता है.




