सोशल मीडिया, गेमिंग ऐप चलाने के लिए KYC कराना होगा ज़रूरी! संसदीय समिति ने सरकार को KYC अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया

sagar parvez

India | Parliament Panel Urges Mandatory KYC on Social Media, Dating & Gaming Platforms

India | Parliament Panel Urges Mandatory KYC on Social Media, Dating & Gaming Platforms
India | Parliament Panel Urges Mandatory KYC on Social Media, Dating & Gaming Platforms

सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग ऐप्स के लिए KYC लाने की तैयारी चल रही है। संसदीय समिति ने सरकार को KYC अनिवार्य करने का प्रस्ताव दिया है।

India | Parliament Panel Urges Mandatory KYC on Social Media, Dating & Gaming Platforms

Facebook, Instagram, Snapchat, X जैसे सोशल मीडिया ऐप्स, गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म के लिए KYC अनिवार्य करने की तैयारी चल रही है। सरकार इसके लिए सख्त कानून ला सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक संसदीय समिति ने फर्जी अकाउंट्स के जरिए हो रहे साइबर क्राइम पर रोक लगाने के लिए यह प्रस्ताव दिया है। वहीं, कई राज्यों में सोशल मीडिया इस्तेमाल करने की एज लिमिट भी लगाई गई है, ताकि बच्चे सोशल मीडिय न यूज कर सके।

बैंक की तरह होगी KYC प्रक्रिया?

रिपोर्ट के मुताबिक, जिस तरह बैंक अकाउंट ओपन करने, नया सिम कार्ड खरीदने के लिए KYC जरूरी होती है ठीक उसी तरह सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाने के लिए KYC लाई जा सकती है। ऐसा करने से फर्जी अकाउंट्स पर लगाम लगाया जा सकेगा और इनके जरिए होने वाले फ्रॉड पर शिकंजा कसा जा सकेगा। संसदीय समिति ने सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया है, जब पहले से ही बच्चे और महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

संसदीय समिति का कहना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ रहे फर्जी अकाउंट्स पर रोक लगाने के लिए यह जरूरी हो गया है कि इनका भी KYC हो। सोशल मीडिया, गेमिंग और डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर बने फर्जी अकाउंट्स के जरिए उत्पीड़न, धोखाधड़ी और पहचान चुराने की घटनाएं पिछले दिनों सामने आई हैं। ऐसे में इन पर अभी विराम नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं बढ़ जाएंगी।

KYC नहीं होने की वजह से यह वेरिफाई नहीं हो पाता कि साइबर क्राइम के लिए यूज होने वाले फर्जी अकाउंट्स किसके हैं। यही नहीं साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और बिना सहमति के निजी तस्वीरें ऑनलाइन शेयर किए जाने वाली घटनाओं में वास्तविक यूजर की पहचान निकालने में दिक्कत होती है, जिसकी वजह से वास्तविक यानी असली पहचान को इनमें जोड़ने की जरूरत है। KYC कराने की वजह से उन अकाउंट्स को ट्रैक करना आसान हो जाएगा।

एज वेरिफिकेशन के लिए भी जरूरी है KYC

संसदीय समिति ने अपने प्रस्ताव में यह भी कहा कि जिस तरह से कई राज्य सरकारें सोशल मीडिया इस्तेमाल करने के लिए एज लिमिट सेट करने का ऐलान कर चुकी हैं। ऐसे में KYC के जरिए एज वेरिफिकेशन किया जा सकेगा। सोशल मीडिया के साथ-साथ डेटिंग और गेमिंग ऐप्स पर KYC बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां फर्जी अकाउंट्स के जरिए उम्र छिपाकर कई अपराध किए जाते हैं। इसका असर वास्तविक यूजर पर पड़ता है।

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