
राजस्थान के जैसलमेर में बस में लगी आग से मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो चुकी है। इलाज के दौरान एक महिला भागा देवी की भी मौत हो गई। अभी 6 मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी भी हालत नाजुक बताई जा रही है।
Death toll in Jaisalmer bus accident reaches 22, 6 critical
जैसलमेर बस हादसे में लगातार नए अपडेट आ रहे हैं। जैसलमेर बस हादसे में 90 फीसद तक गंभीर रूप में झुलसी महिला बागा देवी ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद मृतकों की संख्या अब 22 हो गई है। 4 व्यक्ति अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। एफएसएल ने बुधवार को 19 अज्ञात मृतकों के नमूने व शवों की पहचान के लिए उनके परिजन के रक्त नमूने लिए थे। FSL की टीम ने पूरी रात कार्य कर 16 अक्टूबर की सुबह 7 बजे तक 18 शवों की शिनाख्त कर दी गई। एक शव की पहचान परिजनों के रक्त नमूनों के अभाव में नहीं की जा सकी। इसके साथ ही डीएनए परीक्षण व पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं जोधपुर महात्मा गांधी अस्पताल मोर्चरी में शेरगढ़ से आए परिजन और ग्रामीणों ने शव लेने से इनकार दिया है। उचित मुआवजा देने की बात पर अग्निकांड में 5 मृतकों के परिजन एवं ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं।
परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू
जैसलमेर बस हादसे में मृतकों की संख्या अब तक 22 हो गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने डीएनए परीक्षण व पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन के अनुसार यह सुनिश्चित किया है कि प्रत्येक शव को पूर्ण सम्मान और संवेदनशीलता के साथ उनके पैतृक गांव या निवास स्थान तक पहुंचाया जाए। प्रत्येक एम्बुलेंस के साथ एक सरकारी कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल को भेजा जा रहा है, ताकि मार्ग में किसी प्रकार की असुविधा या परेशानी न हो।
जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि इस कठिन समय में हर परिजन को हरसंभव सहयोग और सहायता मिले। जोधपुर और जैसलमेर दोनों जिलों की टीमें निरंतर संपर्क और समन्वय में कार्यरत हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर सहयोग मिल सके।
एम्स और एमजीएच में रखे शवों की स्थिति
डीएनए परीक्षण रिपोर्ट के बाद 9 शव एम्स हॉस्पिटल और 9 शव महात्मा गांधी हॉस्पिटल (एमजीएच) जोधपुर में रखे गए हैं। इनकी पहचान हो चुकी है।
एम्स हॉस्पिटल में रखे शवों के नाम
- जितेश चौहान
- महेन्द्र (लवारण)
- खुशी (लवारण)
- इरफान खान (बम्बोरो की ढाणी)
- बरकत खान (बासनपीर)
- शाहरूख खान (चाम्पला)
- अयुब खान (बासनपीर)
- बसीरा (बासनपीर)
- जसु (कोटड़ी)
एमजीएच हॉस्पिटल में रखे शवों के नाम
- स्वरूप (जोधपुर)
- गोपीलाल (लाठी)
- जोगराज सिंह (झलारिया)
- पार्वती (लवारण)
- दीक्षा (लवारण)
- शौर्य (लवारण)
- दीपक (जैसलमेर)
- राजेन्द्र सिंह चौहान (जैसलमेर)
- हसीना (बम्बोरो की ढाणी)




