भारत-कनाडा तनाव के बीच विदेश में बैठे आतंकियों की बातचीत-इंटरव्यू कुछ टीवी चैनल पर दिखाने पर भारत सरकार ने चिंता जताई है, सरकार ने टीवी चैनलों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
Centre Tells TV Channels Not To Give Platform To Terrorists As Diplomatic Crisis With Canada Snowballs
केंद्र सरकार ने प्राइवेट न्यूज चैनल्स को आतंकी गतिविधियों में लिप्त लोगों के इंटरव्यू के लिए एडवाइजरी जारी की है। एक टीवी चैनल पर भारत के वांटेड गुरपतवंत सिंह पन्नू के इंटरव्यू के बाद सरकार ने आदेश जारी कर कहा कि ऐसे लोगों को टीवी न्यूज चैनल्स प्लेटफार्म न उपलब्ध कराएं जो आतंकवादी गतिविधियों या देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। यह एडवाइजरी कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के सार्वजनिक आरोपों को लेकर भारत और कनाडा के बीच बिगड़ते संबंधों के बीच आई है कि सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की भूमिका थी।
इन आरोपों के बीच भारत और कनाडा दोनों की ओर से कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इसी बीच भारत में वांछित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू एक टेलीविजन चैनल पर दिखाई दिया। हालांकि, एडवाइजरी में सरकार ने आतंकी पन्नून या कनाडा का कहीं उल्लेख नहीं किया है।
क्या कहती है भारत सरकार की एडवाइजरी?
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने एडवाइजरी में बिना किसी आतंकी ग्रुप या व्यक्ति का नाम लिए प्राइवेट न्यूज चैनल्स को हिदायत दी है। पढ़िए क्या कहा मंत्रालय ने…
‘मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि विदेश में एक ऐसे व्यक्ति को, जिसके खिलाफ आतंकवाद सहित अपराध के गंभीर मामले दर्ज हैं, भारत में कानून द्वारा प्रतिबंधित संगठन से संबंधित एक टेलीविजन चैनल पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था। उक्त व्यक्ति ने कई टिप्पणियाँ कीं जो देश की संप्रभुता/अखंडता, भारत की सुरक्षा, एक विदेशी राज्य के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए हानिकारक थीं और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की भी संभावना थी। हालांकि सरकार मीडिया की स्वतंत्रता को कायम रखती है और संविधान के तहत उसके अधिकारों का सम्मान करती है, लेकिन टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित सामग्री को सीटीएन अधिनियम, 1995 के प्रावधानों का पालन करना चाहिए, जिसमें धारा 20 की उपधारा (2) भी शामिल है।
उपरोक्त के आलोक में, टेलीविजन चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी पृष्ठभूमि के व्यक्तियों के बारे में रिपोर्टों/संदर्भों और विचारों/एजेंडा को कोई मंच देने से बचें, जिनमें वे लोग भी शामिल हैं जिनके खिलाफ गंभीर अपराध/आतंकवाद के आरोप हैं और जो ऐसे संगठनों से संबंधित हैं। संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत निर्धारित और सीटीएन अधिनियम की धारा 20 की उप-धारा (2) के तहत उल्लिखित उचित प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए, कानून द्वारा निषिद्ध है। यह आदेश भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, किसी विदेशी राज्य के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों या सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिकता के हित में है।’