
RKM Power Plant Lift Fell: सक्ती जिला स्थित RKM पॉवर प्लांट उच्चपिंडा में बड़ा हादसा हो गया. यहां लिफ्ट गिरने से 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक मजदूर घायल हो गए. ये सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रहने वाले थे.
4 dead as lift crashes at power plant in Chhattisgarh’s Sakti
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के आरकेएम पावर प्लांट में लिफ्ट गिरने से मंगलवार रात एक भीषण हादसा हो गया है. इस दौरान 4 मजूदरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 अन्य मजूदर गंभीर रुप से घायल हो गए. घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई थी. वहां मौजूद अन्य मजदूर तुरंत अपने साथियों को बचाने के लिए भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी. अब इस पूरी घटना की इनसाइड स्टोरी सामने आई है.
सक्ती जिले के डभरा में स्थित RKM पावर प्लांट में बॉयलर मेंटेनेंस का काम चल रहा था. इस दौरान काम के लिए झारखंड और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से 60 मजदूर आए थे. बॉयलर मेंटेनेंस के लिए मंगलवार रात लिफ्ट के जरिए 10 मजदूरों को 7वीं पर जा रहे थे, लेकिन जैसे ही लिफ्ट छठीं मंजिल पर पहुंची अचानक तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरी. तेज आवाज के कारण प्लांट में काम कर रहे बाकी मजदूर काफी घबरा गए और वह सभी भागते हुए क्षतिग्रस्त लिफ्ट के पास पहुंचे.
4 मजदूरों की मौत
उन्होंने बहुत ही मुश्किल से लिफ्ट का गेट तोड़कर अपने साथियों को बाहर निकाला. इस दौरान दो मजदूरों की मौके ही मौत हो गई थी. बाकी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान दो और मजदूरों ने दम तोड़ दिया. मृतकों की पहचान अंजनी कुमार कनौजिया, मिश्री लाल, बबलू प्रसाद गुप्ता और रविंद्र कुमार के तौर पर हुई है. बताया जा रहा है कि चारों लोग सोनभद्र के ही रहने वाले थे.
‘लिफ्ट से आ रही थी अजीब आवाजें’
एक मजदूर ने बताया कि बायलर नंबर 2 की मरम्मत के लिए हमें लाया गया था. पिछले पांच दिनों से लिफ्ट से अजीब आवाजें आ रही थी. इस बारे में जब भी शिकायत की तो यह कहकर बात टाल दी गई कि जल्द ठीक हो जाएगा. मंगलवार रात करीब 8:30 से 9:00 के बीच अचानक लिफ्ट करीब 131 फीट की ऊंचाई से टूटकर तेज नीचे आ गिरी. हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई थी. हमने बहुत ही मश्कक्त के बाद लिफ्ट तोड़कर मजूदरों को अस्पताल में भर्ती कराया था.
जानें कैसे हुआ हादसा
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के सहायक संचालक अश्विनी कुमार पटेल के बताया कि आरकेएम पावर प्लांट (डभरा) में 22 सितंबर से बॉयलर के मरम्मत और सफाई का काम चल रहा था. इस बीच 7 अक्टूबर को अचानक से लिफ्ट का एक वायर रोप टूट गया. इसके अलावा, पुली की बाकी रस्सी खिसक गई. जिसके बाद लिफ्ट डिसबैलेंस होकर मजदूरों सहित नीचे आ गई और यह हादसा हो गया.




