
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरान युद्ध में मारे गए 4 अमेरिकी सैनिकों की पहचान बताई है> साथ ही उनकी तस्वीरें भी जारी कर दी गई हैं। यह सैनिक कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक कमांड सेंटर पर ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए थे।
Pentagon identifies 4 of the 6 troops killed in drone strike in US-Iran conflict
अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने आज ईरान युद्ध में मारे गए 4 अमेरिकी सैनिकों की पहचान बताई है. साथ ही उनकी तस्वीरें भी जारी कर दी गई हैं. ये सैनिक कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक कमांड सेंटर पर ईरानी ड्रोन हमले में शहीद हुए थे. हमले में कुल 6 सैनिक मारे गए थे, लेकिन अभी 2 की पहचान नहीं हो पाई है.
103वीं सस्टेनमेंट कमांड यूनिट में तैनात थे जवान
पेंटागन ने बताया कि ये चारों सैनिक आयोवा राज्य के रहने वाले थे और आर्मी रिजर्व की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड यूनिट में तैनात थे. ये यूनिट सैनिकों को खाना, पानी, ईंधन, गोला-बारूद और ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सप्लाई मुहैया कराती है. हमला रविवार को हुआ और आज पेंटागन ने इनकी डिटेल्स सार्वजनिक कीं. इनमें:
- कैप्टन कोडी खोर्क, उम्र 35 साल, आयोवा
- सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ टिटजेंस, उम्र 42 साल, आयोवा
- सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल अमोर, उम्र 39 साल, आयोवा
- सार्जेंट डेक्लान कोडी, उम्र 20 साल, आयोवा
चारों जवान एक ही यूनिट के थे और उन्होंने देश की सेवा में अपनी जान गंवाई. पेंटागन ने इनकी फोटोज जारी की हैं, जिनमें वे अपनी वर्दी में दिख रहे हैं.
जंग में और भी मौतें हो सकती हैं: ट्रंप
आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल ने इस घटना पर कहा, ‘इन सभी बहादुर पुरुषों और महिलाओं ने अपने देश की रक्षा के लिए खुद आगे आकर काम किया. उनकी कुर्बानी को हम कभी नहीं भूलेंगे.’ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि दुख की बात है कि इस युद्ध के खत्म होने से पहले और भी मौतें हो सकती हैं. ऐसा ही होता है.
अमेरिका जानबूझकर लड़ाई भड़का रहा: ईरान
ईरान की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. ईरान का कहना है कि अमेरिका जानबूझकर दुनिया में लड़ाई भड़का रहा है ताकि भारत, चीन और रूस जैसी उभरती ताकतें आगे न बढ़ सकें. ईरान के सुप्रीम लीडर के स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि अमेरिका का असली टारगेट ईरान नहीं है, बल्कि आगे दूसरे देश भी इसके शिकार हो सकते हैं. फिर भी ईरान ने संकेत दिया है कि सम्मानजनक शर्तों पर बातचीत के लिए तैयार है.




