
मलेरिया विभाग की अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने जानकारी दी कि 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच इन नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही, अब तक जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 419 तक पहुंच गई है।
UP | Dengue outbreak continues to rise in Noida, with 53 new patients found in 4 days, taking the total number of cases to 419
उत्तर प्रदेश खे गौतमबुद्ध नगर जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार दिनों में डेंगू के 53 नए मामले सामने आए हैं। इन मरीजों के घरों और आसपास के इलाकों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया गया है, ताकि मच्छरों के प्रकोप पर काबू पाया जा सके।
चार दिनों में 53 नए मामले
मलेरिया विभाग की अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने जानकारी दी कि 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच इन नए मामलों की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही, अब तक जिले में डेंगू के कुल मामलों की संख्या 419 तक पहुंच गई है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन चुकी है।
निगरानी और फॉगिंग अभियान तेज
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। जिन क्षेत्रों में मरीजों की पहचान हो रही है, वहां विशेष रूप से फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई मामलों में मरीजों के दफ्तरों से भी संपर्क साधा गया है और वहां भी मच्छरों को खत्म करने के लिए छिड़काव किया गया है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है। लोगों को पानी की टंकियों और कूलरों को नियमित रूप से साफ करने, पुराने बर्तनों, टायरों और गमलों में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है।
डेंगू के शुरुआती लक्षण और जांच
डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए समय पर जांच कराना सबसे जरूरी है। साथ ही, किसी भी प्रकार के बुखार को हल्के में न लिया जाए। डेंगू के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, लाल चकत्ते और कमजोरी शामिल हैं।
अस्पतालों में सतर्कता और इलाज की व्यवस्था
वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि मरीजों को उचित इलाज और निगरानी दी जा रही है। जिले के सभी अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है और डेंगू जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है कि डेंगू के मामलों में तेजी से रोकथाम की जा सके। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक लोग स्वयं सतर्क नहीं होंगे, तब तक बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।




