देश को हिलाकर रख देने वाले श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं।
Shraddha Walkar case: Aftab Poonawala charged with murder, disappearance of evidence
श्रद्धा वालकर मर्डर केस में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने हत्या और सबूत करने के मामले में आरोप तय किए हैं। मंगलवार को एडिशनल सेशन जज मनीष खुराना कक्कड़ ने कहा कि आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 (मर्डर) और 201 (अपराध के सबूत मिटाने) के तहत मामला बनता है।
24 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में आफताब के खिलाफ 6,629 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने पर्याप्त सबूत पेश किए हैं, इसलिए आफताब पर मर्डर और सबूत मिटाने का केस बनता है। इस पर आफताब के वकील ने कहा कि वह मुकदमे का सामना करने के लिए तैयार है।
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दरअसल, नियम के तहत कोर्ट से आरोप तय होते ही आरोपी के पास दो विकल्प होते हैं। पहला- आरोप स्वीकार करने पर कोर्ट फौरन सजा सुनाती है। दूसरा- मुकदमे का सामना करना। आफताब ने आरोपों को नकार दिया और मुकदमे का सामना करने का विकल्प चुना। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 1 जून को होगी।
18 अक्टूबर के CCTV फुटेज में दिख रहा है कि आफताब ने उस रात तीन चक्कर लगाए थे। पुलिस ने तब शक जताया था कि वो श्रद्धा के बॉडी के टुकड़ों को फेंकने गया था।
18 अक्टूबर के CCTV फुटेज में दिख रहा है कि आफताब ने उस रात तीन चक्कर लगाए थे। पुलिस ने तब शक जताया था कि वो श्रद्धा के बॉडी के टुकड़ों को फेंकने गया था।
18 मई 2022 को मर्डर, शरीर के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रखे थे
आफताब पर आरोप है कि उसने 18 मई 2022 में अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा वालकर की गला घोंटकर हत्या की। बाद में उसके शरीर के 35 टुकड़े कर फ्रिज में रखे। फिर उन्हें जंगल में फेंक दिया। दिल्ली पुलिस ने 12 नवंबर 2022 को उसे गिरफ्तार किया था। 24 जनवरी को पुलिस ने इस मामले में आफताब के खिलाफ 6,629 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी।
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने आफताब का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट किया था, जिसमें उसने श्रद्धा की हत्या करने की बात स्वीकार की थी। मामले में पुलिस ने 150 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आफताब का वाइस सैंपल भी रिकॉर्ड किया था, फिलहाल मामला कोर्ट में है।
18 मई से पहले ही मारने का मन बना लिया था
सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने पुलिस के सामने कबूला कि मर्डर वाले दिन यानी 18 मई से एक हफ्ते पहले ही आफताब ने श्रद्धा को मारने का मन बना लिया था। उस दिन भी श्रद्धा और आफताब का झगड़ा हुआ था। उसने कहा था, ‘मैंने 11 मई को ही उसे मारने की ठान ली थी कि वह अचानक से इमोशनल हो गई और रोने लगी। इसलिए मैंने तय किया कि अब इसे किसी और दिन मारूंगा।’
आफताब इस बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर रहता था। वह किसी से नहीं मिलता था। बिल्डिंग में रहने वाले लोग इस केस से पहले उसका नाम तक नहीं जानते थे।
आफताब इस बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर रहता था। वह किसी से नहीं मिलता था। बिल्डिंग में रहने वाले लोग इस केस से पहले उसका नाम तक नहीं जानते थे।
श्रद्धा का इंस्टाग्राम अकाउंट अपडेट रखता था आफताब
पुलिस ने कहा- आफताब ने पूछताछ में बताया कि वो वेब सीरीज और खासतौर पर क्राइम शोज देखने का आदी था। इन्हीं को देखकर उसने श्रद्धा के बॉडी पार्ट्स को फ्रिज में रखने का तरीका सीखा। इतना ही नहीं इन्हीं सीरीज और शोज के जरिए उसने यह भी सीखा कि कैसे श्रद्धा को फैमिली और फ्रेंड्स की नजरों में जिंदा दिखाया जाए। इसके लिए वो श्रद्धा के इंस्टाग्राम प्रोफाइल और अकाउंट को अपडेट रखने के लिए उस पर पोस्ट करता रहता था। इसमें किसी ने उसकी मदद नहीं की थी।
पिता को नहीं पता था कि बेटी कहां है…
न्यूज एजेंसी से बातचीत में श्रद्धा के पिता विकास ने कहा- मेरी उससे आखिरी बार 2021 में हुई थी। तब मैंने उससे पूछा था कि तुम्हारा लिव इन पार्टनर कैसा है। उसने ज्यादा कुछ नहीं बताया था। मुझे तो यह भी नहीं पता था कि वो दिल्ली शिफ्ट हो गई है। उसकी एक दोस्त ने बताया कि श्रद्धा बंगलुरु में नहीं, बल्कि दिल्ली में है। आफताब को सबूत मिटाने के लिए बहुत वक्त मिल गया।




