
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इको विलेज-3 और हिमालया प्राइड सोसाइटी के निवासियों ने महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी।
More than 40 reportedly fell sick in G.Noida after consuming buckwheat flour (kuttu ka atta) during Maha Shivratri fasting
ग्रेटर नोएडा में महाशिवरात्रि के अवसर पर कुट्टू के आटे का सेवन करने से 40 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया। सभी प्रभावितों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दो सोसाइटी के 40 लोग हुए बीमार
मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित इको विलेज-3 और हिमालया प्राइड सोसाइटी के निवासियों ने महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बने खाद्य पदार्थों का सेवन किया था। इसके कुछ ही समय बाद लोगों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी। दोनों सोसाइटी मिलाकर 40 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। अधिकांश मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
इको विलेज-3 सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि रविवार शाम व्रत खोलने के बाद जैसे ही कुट्टू के आटे से बना भोजन किया गया, थोड़ी देर में लोगों की हालत बिगड़ने लगी। सोसाइटी में करीब 30 से अधिक लोग बीमार पड़े। वहीं हिमालया प्राइड सोसाइटी में भी 15 से ज्यादा लोगों को इसी तरह की परेशानी हुई। सभी मरीजों का इलाज न्यूमेड अस्पताल में चल रहा है।
ऑनलाइन मंगवाया गया था खुला कुट्टू का आटा
निवासियों के अनुसार कुट्टू का आटा पास की एक स्थानीय दुकान से ऑनलाइन मंगवाया गया था। आटा पैक्ड नहीं था, बल्कि खुला हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि आटा खराब या मिलावटी होने के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी। घटना की सूचना खाद्य विभाग को दे दी गई है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी महाशिवरात्रि के दौरान एक हॉस्टल के छात्रों सहित 300 से अधिक लोग बीमार पड़ चुके हैं। उस समय खाद्य विभाग ने नमूने लेकर लैब में जांच के नाम पर औपचारिकता निभाई थी। इसके बावजूद क्षेत्र में असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। लोगों का आरोप है कि खाद्य विभाग की लापरवाही के कारण आम जनता को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।




