महाराष्ट्र के बीड जिले के परली के एक स्कूल टीचर ने आठवीं क्लास के 40 बच्चों की सिर्फ इसलिए पीटा क्योंकि बच्चों ने ‘वेरी गुडमॉर्निंग’ ना कह कर ‘गुडमॉर्निंग’ कहा था
Maharashtra | 40 children beaten for not saying good morning, case against teacher
महाराष्ट्र के बीड जिले के परली शहर के एक मास्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ है. बालाजी लक्ष्मण फड नाम के ये मास्टर श्री नागनाथ निवासी प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा आठ के बच्चों को पढ़ाते हैं. इन्होंने 40 बच्चों की पिटाई सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि बच्चों ने सही तरीके से गुडमॉर्निंग नहीं कहा था. हुआ यूं कि मास्टर जी क्लासरूम में आए. बच्चे सारे खड़े हो गए. जोर से गुड मॉर्निंग कहकर मास्टर साब का अभिवादन किया. लेकिन वैसे नहीं किया जैसे कहा गया. मास्टर साब को गुस्सा आया. छड़ी उठाई और शुरू कर दी धुनाई.

आठवीं कक्षा के 40 विद्यार्थियों की इस तरह पिटाई हुई कि बच्चे रोते-रोते क्लास से बाहर भागे. मुख्य अध्यापक जी को भी पता लगा तो वे भी चले आए भागे-भागे. पूछा- क्या हुआ बच्चों? फिर बच्चों ने सब बताया ज्यों, कि प्रिंसिपल ने लगा दी टीचर की क्लास. टीचर ने रीजन बताया तो प्रिंसिपल का सर और भी चकराया. मास्टर साब ने कहा कि उन्हें गुस्सा इसलिए आया क्योंकि बच्चों ने ‘वेरी गुड मॉर्निंग’ ना कह कर जोर से ‘गुड मॉर्निंग’ चिल्लाया.
बच्चों की पिटाई करने वाला टीचर जब पहुंचा थाने, होश आए ठिकाने
परली शहर के वडसावित्री नगर में मराठवाड़ा गन्ना मजदूर समिति परली द्वारा संचालित इस स्कूल के बच्चों के पेरेंट्स ने अपनी शिकायत समिति के अध्यक्ष तक पहुंचाई.समिति के अध्यक्ष भीमराव सातभाई ने परली सिटी पुलिस स्टेशन में संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी. परली पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. केस रजिस्टर्ड होते ही टीचर लगा गिड़गिड़ाने. उनके होश आ गए ठिकाने. मास्टर बालाजी लक्ष्मण फड ने जितने बच्चों पर छड़ी चलाई, अब उन पर पुलिस के उतने डंडे बरसेंगे. अब कभी वे बच्चों को वेरी गुड मॉर्निंग ना कहने पर पिटाई नहीं करेंगे. उल्टा वे ही जब थाने से छूटेंगे तो बच्चों से पहले वे ही बच्चों से वेरी गुड मॉर्निंग कहेंगे
पानी सर के ऊपर जा चुका था. कंप्लेन पहले भी आ चुका था
बालाजी लक्ष्मण फड के खिलाफ स्कूल प्रशासन को पहले भी कई बार शिकायतें मिल चुकी थीं. वे पहले भी बच्चों की ऐसी ही छोटी-मोटी गलतियों में पिटाई कर चुके हैं, साथ ही बच्चों की यह भी शिकायत रहा करती है कि वे विद्यार्थियों से अपशब्दों का इस्तेमाल किया करते हैं. उनके व्यवहार में कोई बदलाव ना होने की वजह से स्कूल प्रशासन, कर्मचारी, सहयोगी शिक्षक और बच्चे उनसे परेशान हैं


