मप्र: देश के सबसे साफ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 13 की मौत का दावा, प्रशासन ने की 4 मौत की पुष्टि

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Indore water contamination | Official dismissed, two others suspended as death toll rises to 13; probe panel formed

Indore water contamination | Official dismissed, two others suspended as death toll rises to 13; probe panel formed
Indore water contamination | Official dismissed, two others suspended as death toll rises to 13; probe panel formed

देश के सबसे स्वच्छ शहर के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से जान गंवाने वाले लोगों की तादाद को लेकर जारी विरोधाभास बृहस्पतिवार को भी कायम रहा। स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है।

Indore water contamination | Official dismissed, two others suspended as death toll rises to 13; probe panel formed

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की वजह एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गई। खोखले पड़े सिस्टम ने उस मां की कोख सुनी कर दी, जिसने 10 साल की मिन्नतों के बाद बच्चे की किलकारी सुनी थी।

यहां दूषित पानी से 6 माह के मासूम की मौत की जानकारी सामने आई है। बच्चे की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में चला गया है। बेसुध मां रोते हुए बस एक ही आवाज लगा रही है, कोई मेरे बच्चे को वापस ला दो।

देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के नई बस्ती स्थित मराठी मोहल्ला में दूषित पेयजल ने एक परिवार की खुशी छीन ली। यहां नगर निगम की सप्लाई से आने वाले गंदे पानी के कारण मात्र 6 महीने के एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई थी, हालत बिगड़ने के बाद उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, मगर डॉक्टर उसे बचा नहीं पाए।

10 साल की मिन्नतों के बाद हुआ था बेटा

बच्चे की मां साधना साहू सदमे में हैं और रो-रोकर अपना दर्द बयां कर रही हैं। मां ने बताया कि 10 साल की मिन्नतों के बाद बेटे ने जन्म लिया था। कई महीने तक मैं बेड रेस्ट में रही थी। दादी-नानी ने बच्चे के लिए ना जाने कहां-कहां दुआ मांगी थी। मगर आंख के सामने मेरा बच्चा दुनिया छोड़कर चला गया। बच्चे की मां रोते हुए बोली, मेरा बच्चा गया और न जाने कितने बच्चे और जाएंगे। मां ने कहा ब्रेस्ट फीडिंग से बच्चे को प्रयाप्त दूध नहीं मिल पा रहा था, इसलिए बाहर के गाढ़े दूध में पानी मिलाकर बच्चे का पिलाती थी।

अब तक 12 लोगों की मौत

यह मामला भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले दूषित पानी के बड़े संकट का हिस्सा है, जहां पाइपलाइन लीकेज से सीवरेज का पानी मिलने के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़े हैं। अब तक 12 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। मगर अधिकारिक रूप से 4 मौत की पुष्टि की गई है। सैंकड़ों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और वैकल्पिक पानी की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोग नगर निगम की लापरवाही पर गुस्सा जता रहे हैं।

नगर निगम महकमा में हड़कंप

इधर सीएम मोहन यादव के कड़े एक्शन के बाद पूरे नगर निगम महकमा में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम को बेहद दुखद बताते हुए कलेक्टर को जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। इंदौर के DM और नगर निगम कमिश्नर ने इलाका का दौरा करने पहुंचे। नगर निगम घरों में पानी सप्लाई कर रहा है और जिन लोगों में कोई लक्षण दिख रहे हैं, उनके लिए एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।

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