
चैतन्यानंद सरस्वती छेड़छाड़ मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 3 आरोपियों को जमानत दे दी है। इन पर चैतन्यानंद सरस्वती के साथ आरोप पत्र भी दायर किया गया है।
Chaitanyanand Saraswati molestation case | Court granted bail on furnishing a bail bond of Rs 20,000 each.
चैतन्यानंद सरस्वती छेड़छाड़ मामले से जुड़ी बड़ी खबर है। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन आरोपियों श्वेता, भावना और काजल को जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 20-20 हजार रुपए के जमानत बांड पर जमानत दी है। इन पर चैतन्यानंद सरस्वती के साथ आरोप पत्र भी दायर किया गया है।
चैतन्यानंद सरस्वती कौन है?
बाबा वसंत कुंज इलाके में एक प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में डायरेक्टर के तौर पर काम करता था। सितंबर 2025 में साउथ वेस्ट दिल्ली के वसंतकुंज नॉर्थ थाने में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कई छात्राओं के यौन शोषण की शिकायत दर्ज हुई थी। उसके बाद ये नाम काफी चर्चा में आया था और ये सवाल उठा था कि एक स्वामी के गेटअप में रहने वाले शख्स पर इतने घिनौने आरोप कैसे लग सकते हैं?
हालांकि ये पहला मामला नहीं था, जब चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ इस तरह की शिकायत आई हो। उसके खिलाफ पहले भी छेड़खानी के मामले दर्ज हो चुके थे।
जब ये बाबा पकड़ा गया तो इसके मोबाइल ने भी कई राज खोले। इसके मोबाइल में कई एयरहोस्टेज के साथ इसकी फोटोज थीं और कई लड़कियों से अश्लील चैट्स भी बरामद हुई थीं। चैट्स में पाया गया था कि बाबा लड़कियों को झांसा देकर बरगलाने की कोशिश करता था।
बाबा के बारे में ये भी जानकारी सामने आई थी कि वह अपने पद की आड़ में लड़कियों को फेल करने की धमकी देता था। वह छात्राओं से अश्लील चैट करता था और उन्हें अपने कमरे में बुलाता था। वह उनसे कहता था कि मेरे कमरे में आ जाओ, मैं तुम्हें विदेश ले चलूंगा ट्रिप पर, तुम्हें कोई खर्चा नहीं करना होगा।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी मूल रूप से उड़ीसा का रहने वाला है। वह करीब 12 साल से दिल्ली के आश्रम में रह रहा था। उसके खिलाफ पहले भी छेड़खानी के मामले सामने आए थे।




