12 वर्षीय मासूम से 4 हैवानों ने की ‘निर्भया’ जैसी हैवानियत, अस्पातल में जिंदगी की जंग लड़ रहा मासूम
Capital of India | Cruelty like ‘Nirbhaya’ with 12-year-old boy, innocent fighting for life in hospital
दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में एक 12 साल का मासूम बच्चा यौन हिंसा का शिकार हुआ है। जिस तरह की दरिंदगी, दरिंदों ने निर्भया के साथ की थी, उसी तरह 4 हैवानों ने महज 12 साल के बच्चे के साथ कुकर्म किया है। यह बच्चा LNJP अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। मां आस लगाए बैठी है कि उसका बच्चा ठीक हो जाएगा, आंख खोलेगा और फिर से हंसने खेलने लगेगा। मगर, अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि उसकी हालत गंभीर बनी हुई है, सेप्सिस हो गया है और एक बार उसे कार्डिएक अरेस्ट भी आ चुका है। बड़ा सवाल यह है कि इस ‘मेल निर्भया’ को बचाने के लिए क्या कोई आवाज़ उठेगी ? क्या उसे भी उपचार के लिए सिंगापुर भेजा जाएगा? क्या मां की आस पूरी होगी?
मामला पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर का है। बच्चे की मां बताती हैं कि 18 सितंबर को बच्चे ने बताया कि उसके पैर में दर्द हो रहा है। जब उसका एक्सरे करवाया तो कोई फ्रैक्चर नहीं था। तीन-चार दिन वह ऐसे ही रहा। इसके बाद 22 सितंबर को बताया कि छाती में दर्द हो रहा है। जिस पर मैंने पूछा कि किसी ने मारा तो नहीं। वह इंकार करता रहा। मगर, बार-बार प्यार से पूछने पर उसने पहले पुछा कि आप मारोगे तो नहीं? मैंने आश्वासन दिया, तो उसने कहा कि वो लड़के मुझे जान से मार डालेंगे। जब मैंने हिम्मत दी कि कुछ नहीं होगा, तो उसने पूरी बात बताई। फिर हम उसे GTB अस्पताल लेकर गए, वहां से उसे LNJP अस्पताल रेफर कर दिया गया। तब से उसका इसी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
मां ने बताया है कि मेरा बच्चा बेहद मासूम और सीधा है। बड़े लड़के उसे पहले भी उसके साथ मारपीट करते थे। लेकिन वह डर के मारे घर में नहीं बताता था। परन्तु ऐसी घटना पहली बार हुई है। उस दिन उसका दोस्त ही खेलने के लिए उसे बुला ले गया था। उसने तीनों लड़कों का नाम भी बताया है। दुख यह है कि चार दिनों तक मेरा बेटा अपने साथ हुई भयानक दरिंदगी का दर्द सहन करता रहा, उन लड़कों के डर से दर्द के बाद भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा सका। लड़कों ने न सिर्फ बच्चे के साथ कुकर्म किया, बल्कि उसे बेरहमी से पीटा और ईंट से छाती पर मारा भी। उसका पूरा बदन जख्म से भरा हुआ है। आरोपी लड़कों ने बच्चे को कैसे जख्म दिया है, उसकी जानकारी हमें यहां डॉक्टरों से मिली है।
मां कहती है कि मेरी आप सब से हाथ जोड़कर विनती है कि मेरे बच्चे को ठीक करा दो। अब तो वह बोल भी नहीं पा रहा। हाथ-पैर तो क्या, उंगली भी नहीं हिला पा रहा है। मैं उसके पास से हटना नहीं चाहती, कहीं कुछ बोल दे, एक बार आंखें खोलकर मुझे देख ले। कुछ हो गया तो मैं अपने आपको कभी माफ नहीं कर सकूंगी। हम यहां अकेले हैं, कोई हमारे साथ नहीं है। मुझे बस मेरा बेटा चाहिए, पहले की तरह हँसता-खेलता चाहिए। न्याय चाहिए। उन आरोपियों को न तो जमानत मिले और उन्हें सख्त से सख्त सजा दी जाए।
क्या है पूरा मामला…
बता दें कि, दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाके सीलमपुर में 18 सितंबर को 4 लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। सीलमपुर इलाके में 4 लोगों ने बच्चे के साथ पहले अप्राकृतिक सामूहिक बलात्कार किया था. इसके बाद उसकी लाठी डंडों से बेरहमी से पिटाई भी की थी. बाद में आरोपियों ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए लड़के के प्राइवेट पार्ट में रॉड डाल दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था. बताया जा रहा है कि, आरोपी और पीड़ित दोनों ही मुस्लिम समुदाय से हैं, आरोपियों के नाबालिग होने से उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन उन्हें अरेस्ट कर लिया गया है। सीलमपुर वही इलाका है, जहाँ 2020 में दिल्ली दंगे हुए थे।