बंगाल: हावड़ा में एंबुलेंस ने मां-बेटी को कुचला, हंगामा, उग्र भीड़ ने लगा दी आग
Bengal: Ambulance crushes mother and daughter in Howrah, chaos ensues, furious mob sets fire
बंगाल के हावड़ा जिले में शनिवार सुबह भयानक हादसा हो गया. एंबुलेंस ने सड़क किनारे इंतजार कर रही मां-बेटी को कुचल दिया. दोनों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम कर दिया और एम्बुलेंस को आग लगा दी.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है, लेकिन अभी भी नाकेबंदी जारी है. घटना राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 यानी मुंबई रोड के किनारे उलुबेरिया के जोरकला में शनिवार सुबह साढ़े छह बजे हुई. मृतकों के नाम अपर्णा पराल (40) और टुसू पराल (10) हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मां-बेटी सड़क के बाईं ओर खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे. स्कॉलरशिप की परीक्षा होने के कारण मां बेटी को स्कूल ले जा रही थी. उसी समय एंबुलेंस ने उन दोनों को कुचल डाला. आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम कर दिया और एंबुलेंस में आग लगा दी. दमकलकर्मी जब आग बुझाने के लिए गए तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक दिया.
स्कॉलरशिप की परीक्षा देने जा रही छात्रा के साथ हुआ हादसा
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक बगनान में स्कॉलरशिप की परीक्षा देने जाने के लिए 10 साल की टुसू पराल मां अपर्णा पराल के साथ बस पकड़ने के लिए नेशनल हाईवे के किनारे खड़ी थी. उसी समय एक एम्बुलेंस ने नियंत्रण खो दिया और उन्हें टक्कर मार दी. इनकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने एंबुलेंस में आग लगा दी. हालांकि एंबुलेंस चालक फरार हो गया. इस घटना में पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित भीड़ ने टायर जलाकर सड़क जाम कर विरोध किया. सड़क किनारे लाशों को लेकर नाकेबंदी जारी है. मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है.
एंबुलेंस ने मां-बेटी को कुचला, घटना स्थल पर ही हुई मौत
इलाके के एक निवासी ने बताया कि मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई. बाद में पुलिस ने शव को बरामद कर लिया. हालांकि, उनका दावा है कि इस क्षेत्र में इस तरह की दुर्घटनाएं नई नहीं हैं. उनका दावा है कि एक ही घटना के बार-बार होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है. निवासियों का कहना है कि मुख्य सड़क के ठीक बगल में एक अलग सड़क होनी चाहिए. एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि स्कूल के दौरान छात्र जोखिम उठाकर सड़क पार करते हैं. उनका दावा है कि इलाके में एक प्राथमिक स्कूल समेत कुल तीन स्कूल हैं. नतीजतन, कई छात्र उस सड़क से गुजरते हैं. उनकी मुख्य मांग है कि बाइपास का निर्माण किया जाए.


