हालांकि जेल प्रशासन को इतने बड़े पैमाने पर कैदियों के संक्रमित होने पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा और वह इसे एक रूटीन ही मान रहा है। जेल अधीक्षक ने कहा कि यह रूटीन जांच है और मरीज के बारे में पता चलते ही उसका इलाज भी शुरू हो जाता है। घबराने की कोई बात नहीं है।
140 inmates at Ghaziabad jail diagnosed with HIV, 35 with TB
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की डासना जेल में 140 कैदी एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। जेल के 5500 कैदियों की जांच कराई गई थी, जिनमें से 140 की रिपोर्ट एचआईवी पॉजिटिव आई है। वहीं 17 बंदियों में टीवी के संक्रमण पाए गए हैं। जिसके बाद जेल प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक हड़कंप मचा हुआ है। जेल प्रशासन ने अब सभी कैदियों की जांच कराने का फैसला लिया है।
जेल प्रशासन ने बताया है कि सभी संकमित बंदियों को इलाज के लिए एड्स कंट्रोल सोसाइटी भेज दिया गया है। वहीं स्वास्थ्य टीम अब यह जांच करने में जुटी है कि आखिर इतने कैदी एचआईवी संक्रमित कैसे हो गए हैं, क्योंकि यह बीमारी एक गंभीर जानलेवा बीमारी है और उसके फैलने का भी खतरा बना रहता है।
हालांकि जेल प्रशासन को इतने बड़े पैमाने पर कैदियों के संक्रमित होने पर लगता है कोई फर्क नहीं पड़ता है, क्योंकि जेल प्रशासन इसे एक रूटीन ही मान रहा है। जेल अधीक्षक आलोक कुमार सिंह मानते हैं कि जेल में क्षमता से अधिक कैदी हैं। उन्होंने बताया कि हापुड़ की भी जेल गाजियाबाद ही है, इसीलिए यहां पर जेल में कैदियों की संख्या ज्यादा है।
जेल अधीक्षक ने कहा कि 140 एचआईवी पॉजिटिव मरीजों पर मैंने बताया है कि कोई घबराने की बात नहीं है यह रूटीन की जांच है और जैसे ही मरीज के बारे में पता चलता है तो उसका इलाज भी शुरू हो जाता है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर नशे करने वाले कैदियों में यह बीमारी पाई गई है क्योंकि वह एक ही सिरिंज और सुई से नशा करते हैं जिसकी वजह से यह बीमारी फैल जाती है।


