
उत्तर प्रदेश के आगर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर रणवीर सिंह यादव को अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
UP | Weeks after murdering daughter, retd S-I Ranveer, son, kin held for hate crime, Agra
उत्तर प्रदेश के आगर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर रणवीर सिंह यादव को अपनी ही बेटी की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
एक प्रेम संबंध को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद एक भयानक ‘ऑनर किलिंग’ में बदल गया, जिसमें पीड़ित की मां और भाई पर भी अपराध में साथ देने का आरोप है.
यह दुखद घटना आगरा में हुई जब रणवीर की बेटी, जो टीचर भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही एक मेहनती छात्रा थी ने अपने चचेरे भाई (रिश्ते में भतीजा) से शादी करने की इच्छा जताई. सामाजिक बदनामी के डर से, परिवार ने उस पर रिश्ता खत्म करने के लिए बार-बार दबाव डाला. 24 अक्टूबर को तनाव चरम पर पहुंच गया. एक गरमागरम बहस के दौरान, बेटी ने गुस्से में चिल्लाकर कहा, ‘अगर मारना चाहते हो तो मार डालो!’.
पूरा परिवार था शामिल
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, जब मां ने बेटी के पैर पकड़े हुए थे, तब रणवीर ने दुपट्टे से उसका गला घोंटकर मार डाला. काम पूरा होने के बाद, रिटायर्ड पुलिसवाले ने शांति से अपने बड़े बेटे, गौरव को फोन किया,और उसे बताया कि उसने काम खत्म कर दिया है. बड़े बेटे ने शव को कार में इटावा में अपने मामा के घर पहुंचाया. मामा की मदद से, शव को यमुना नदी के किनारे फेंक दिया गया.
पीड़ित ने बनाया था वीडियो
बताया जाता है कि पीड़ित का छोटा भाई उसकी चीखें सुनकर कमरे में भागा, लेकिन परिवार के बाकी सदस्यों ने उसे डरा-धमकाकर चुप करा दिया. सबसे दुखद सबूत एक 29 सेकंड का वीडियो है जो पीड़ित ने अपनी मौत से कुछ पल पहले अपने बॉयफ्रेंड को भेजा था. क्लिप में, उसने अपने प्यार का इजहार किया और साफ तौर पर अपने पिता, मां, भाई और कई रिश्तेदारों को अपनी जान के लिए खतरा बताया. उसने अपनी मौत की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि अगर वे उसे मार देंगे, तो अगला नंबर उसके प्रेमी का होगा.
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस ने नदी के किनारे से कंकाल के अवशेष मिलने के बाद आखिरकार मामले को सुलझा लिया. जबकि रणवीर सिंह यादव, उनका बेटा गौरव और चाचा सतीश जेल में हैं, वहीं पीड़ित की मां अभी भी फरार है. यह मामला इस बात की दुखद याद दिलाता है कि कैसे इज्जत कभी-कभी रक्षकों को ही शिकारी बना देती है.




