
नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने कहा कि डीजीसीए के उड़ान ड्यूटी समय सीमा आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। हवाई सुरक्षा से समझौता किए बिना यह निर्णय पूरी तरह से यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों और अन्य लोगों के हित में लिया गया है।
IndiGo flight cancellation: Govt orders high-level inquiry as over flights cancelled
देश भर में इंडिगो एयरलाइंस की सेवाएं रद्द होने से मची अफरा-तफरी के बाद जागी केंद्र सरकार ने इस मामले की एक उच्चस्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है। यह जांच इस बात की होगी कि इंडिगो में क्या गड़बड़ हुई, जहां भी आवश्यक हो, उचित कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय की जाएगी और भविष्य में ऐसी किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए उपाय सुझाए जाएंगे ताकि यात्रियों को फिर से ऐसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इंडिगो सेवा बाधित होने पर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ानों, खासकर इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में जारी व्यवधान को दूर करने के लिए तत्काल और सक्रिय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डीजीसीए के उड़ान ड्यूटी समय सीमा (एफडीटीएल) आदेशों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। हवाई सुरक्षा से समझौता किए बिना यह निर्णय पूरी तरह से यात्रियों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों, मरीजों और अन्य लोगों के हित में लिया गया है, जो आवश्यक समय पर हवाई यात्रा पर निर्भर हैं।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि इसके अलावा सामान्य विमान सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने और यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के तत्काल कार्यान्वयन के आधार पर, हमें उम्मीद है कि कल तक उड़ान कार्यक्रम स्थिर होने लगेंगे और सामान्य हो जाएंगे। हमारा अनुमान है कि अगले तीन दिनों में सेवाओं की पूर्ण बहाली हो जाएगी।
मंत्री ने आगे कहा कि इस अवधि के दौरान यात्रियों की सहायता के लिए एयरलाइनों को उन्नत ऑनलाइन सूचना प्रणालियों के माध्यम से नियमित और सटीक अपडेट प्रदान करने का निर्देश दिया गया है, जिससे यात्री अपने घर बैठे ही उड़ान की वास्तविक स्थिति पर नजर रख सकें। उन्होंने कहा कि किसी भी उड़ान के रद्द होने की स्थिति में, एयरलाइनें यात्रियों को बिना किसी अनुरोध के, स्वचालित रूप से पूरा रिफंड जारी कर देंगी।
मंत्री ने कहा कि लंबी देरी के कारण फंसे यात्रियों को एयरलाइनों द्वारा सीधे होटल में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्हें लाउंज की सुविधा और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी ताकि उनकी यात्रा आरामदायक रहे। इसके अलावा, विलंबित उड़ानों से प्रभावित सभी यात्रियों को जलपान और आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जो त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई, प्रभावी समन्वय और उत्पन्न होने वाली समस्याओं के तत्काल समाधान को सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक समय के आधार पर स्थिति की निगरानी कर रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार हवाई यात्रियों को हो रही कठिनाइयों के प्रति पूरी तरह सचेत है और एयरलाइनों तथा सभी संबंधित हितधारकों के साथ निरंतर परामर्श कर रही है। डीजीसीए द्वारा अनुमत नियामक छूट सहित, एयरलाइन संचालन को स्थिर करने और जनता की असुविधा को यथाशीघ्र दूर करने के लिए हर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। यात्री देखभाल, सुरक्षा और सुविधा भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।




