
फिलीपीन के राष्ट्रपति ने कालमेगी तूफान के कारण कम से कम 241 लोगों की मौत होने तथा कई के लापता होने के बाद आपातकाल की घोषणा की।
Philippines Declares a State of Emergency After Typhoon Left at Least 241 People Dead
फिलीपींस में आए तूफान कालमेगी ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। तेज हवाओं और लगातार हो रही बारिश के कारण कई घर क्षतिग्रस्त हुए और लोगों का जीवन प्रभावित हुआ। तूफान की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी, जिससे अब तक 241 लोगों की मौत दर्ज की गई है। यह इस साल फिलीपींस में आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा में से एक मानी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति ने आम लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है और सरकारी राहत कार्यों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने तुरंत बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान अब वियतनाम की ओर बढ़ रहा है और वहां भी भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बढ़ गया है, जिससे प्रशासन सतर्क हो गया है।
वियतनाम की ओर बढ़ा तूफान
आपदा एजेंसी के मुताबीक, तूफान कालमेगी मध्य फिलीपींस से वियतनाम की ओर बढ़ते हुए फिर से ताकतवर हो गया है। वियतनाम के जिया लाई प्रांत में भारी बारिश और विनाशकारी हवाओं की चेतावनी दी गई है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ और कृषि गतिविधियों में बाधा आने की संभावना है।
आपातकाल की घोषणा
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। ये साल का सबसे घातक प्राकृतिक संकट साबित हुआ है। बाढ़ और मलबे की स्थिति को देखते हुए लगभग 3,50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मलबा हटाना चुनौती
सेनियर नागरिक सुरक्षा अधिकारी रैफी एलेजांद्रो के मुताबीक, मलबा हटाना प्राथमिक चुनौती है। इससे लापता लोगों का पता लगाने और राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी।
नया तूफान एक्टिव
कालमेगी के फिलीपींस से बाहर निकलने के बाद, मिंडानाओ के पूर्व में एक नया उभरता तूफान देखा जा रहा है। ये अगले सप्ताह संभावित प्रभाव डाल सकता है। इस साल फिलीपींस में ये 20वां तूफान है, और इससे पहले उत्तरी सेबू में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था।
वियतनाम में संभावित असर
कालमेगी दक्षिण चीन सागर से गुजरते हुए वियतनाम में कई मध्य प्रांतों पर असर डाल सकता है। अनुमान है कि आठ हवाई अड्डों पर आवाजाही प्रभावित हो सकता है। अधिकारी हजारों सैनिकों को राहत और बचाव कार्यों में तैनात कर रहे हैं।




