दूसरा झटका 6.8 तीव्रता का था, जिसने पहले से ही दहशत में जी रहे लोगों को और भयभीत कर दिया
Second powerful earthquake strikes Philippines
फिलीपींस के दक्षिणी मिंडानाओ द्वीप के पास समुद्र में शुक्रवार सुबह 7.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद से अब भूकंप के 75 झटके आ चुके हैं, जिनमें शाम को 6.9 तीव्रता का भूकंप भी शामिल है।
इससे पहले पेसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने सुबह सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन 2 घंटे बाद ही इसे हटा लिया गया। अब स्थिति सामान्य है। भूकंप की वजह से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है।
इससे पहले 30 सितंबर को फिलीपींस के सेबू प्रांत में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसकी वजह से 72 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 150 घायल हुए थे।
फिलीपीन के लोगों को बीते कुछ दिनों से डर के साये में जीना पड़ रहा है. देश में लगातार आ रहे तीव्र भूकंप के झटकों से लोगों की रातों की नींद उड़ी पड़ी है. शुक्रवार को फिलीपीन में दो बड़े भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद सुनामी की चेतवानी भी जारी कर दी गई. शुक्रवार की सुबह 7.4 तीव्रता के जबरदस्त भूकंप के कुछ ही घंटों बाद ही 6.9 तीव्रता का एक और शक्तिशाली झटका आया जिसने दक्षिणी क्षेत्र में भयानक दहशत फैला दी. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कई जगह बिजली आपूर्ति बाधित हुई. लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर आ गए.
और भी आ सकते हैं भूकंप को जोरदार झटके
सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें लोगों के बीच मची अफरा-तफरी को देखा जा सकता है. एक ही दिन में भूकंप के 2 बड़े झटकों ने फिलीपीन के लोगों में दहशत फैला दी है. भूकंप वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि पहला बड़ा भूकंप 7.4 तीव्रता का था, जिसका केंद्र दावाओ ओरिएंटल प्रांत के पास समुद्र में स्थित था. अभी लोग इस पहले झटके से संभल भी नहीं पाए थे कि कुछ ही देर बाद 6.9 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया. फिलीपीन के ज्वालामुखी विज्ञान और भूकंप विज्ञान संस्थान ने चेतावनी दी है कि इन शक्तिशाली भूकंपों के बाद आने वाले दिनों में और भी झटके (Aftershocks) महसूस किए जा सकते हैं, इसलिए लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है.
सुनामी के डर से खाली किए गए तटीय इलाके
7.4 की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आस-पास के तटीय इलाकों में तुरंत सुनामी की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया. राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने इस स्थिति पर नजर रखते हुए कहा कि पहले सुरक्षित स्थिति सुनिश्चित की जाएगी, उसके बाद ही बचाव और राहत अभियान शुरू होगा. लोगों को अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में अपने घर छोड़ने पड़े, जिससे सोशल मीडिया पर डर और अफरातफरी के कई वीडियो भी वायरल हुए. नागरिक सुरक्षा कार्यालय के अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि दक्षिणी प्रांत में मलबे की चपेट में आने से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है.