
खुफिया अधिकारियों के अनुसार, मंगत सिंह बीते दो वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि खुद को “ईशा शर्मा” बताने वाली एक महिला हैंडलर ने उसे हनीट्रैप में फंसाया और रणनीतिक सूचनाएं देने के बदले पैसों का लालच दिया।
Pakistani Spy Arrested in Rajasthan’s Alwar; Shared Intel via Social Media for ISI
राजस्थान पुलिस के खुफिया विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में अलवर जिले के गोविंदगढ़ निवासी मंगत सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत की गई, जिसमें अलवर छावनी क्षेत्र में निगरानी के दौरान उसकी संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ।
सोशल मीडिया के जरिए संपर्क, हनीट्रैप में फंसा
खुफिया अधिकारियों के अनुसार, मंगत सिंह बीते दो वर्षों से सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में था। जांच में सामने आया है कि खुद को “ईशा शर्मा” बताने वाली एक महिला हैंडलर ने उसे हनीट्रैप में फंसाया और रणनीतिक सूचनाएं देने के बदले पैसों का लालच दिया।
संवेदनशील सूचनाओं का आदान-प्रदान
मंगत सिंह पर अलवर छावनी क्षेत्र और अन्य रणनीतिक सैन्य ठिकानों से जुड़ी गोपनीय जानकारी को सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान तक पहुंचाने का आरोप है। तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है। इसके बाद आरोपी के खिलाफ शासकीय गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ जारी
जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र में मंगत सिंह से देश की विभिन्न खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। मोबाइल डेटा और संचार रिकॉर्ड की जांच के आधार पर उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। आरोपी से और जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने जैसलमेर से महेंद्र प्रसाद और हनीफ खान को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। महेंद्र डीआरडीओ गेस्ट हाउस के प्रबंधक थे, जबकि हनीफ खान पर सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पैसे के बदले पाकिस्तान भेजने का आरोप था।




