
हादसा उस वक्त हुआ, जब सर्विस वैन मजदूरों को लेकर खदान क्षेत्र से बाहर निकल रही थी। अचानक मिट्टी खिसक गई और वाहन गहरी खाई में गिर पड़ा। सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। धनबाद कोयला क्षेत्र में पिछले महीने भू-धंसान की कई घटनाएं हुई हैं।
Jharkhand | A service van full of labourers fell into a 300 feet deep ditch in Dhanbad, 6 missing
झारखंड के धनबाद में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) एरिया- 4 खदान क्षेत्र में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां आउटसोर्सिंग के आधार पर खनन करने वाली मां अम्बे कंपनी की एक सर्विस वैन करीब 300 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस वैन में पांच से छह मजदूर सवार थे। तीन घंटे से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद मजदूरों का पता नहीं लग पाया है। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मची हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही बीसीसीएल के वरीय अधिकारी रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कतरास थाना, रामकनाली ओपी और अंगारपथरा ओपी के प्रभारी भी दल-बल के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगे हैं। दोपहर ढाई बजे तक खाई में गिरे सर्विस वैन को निकालने में सफलता नहीं मिल पाई है। कठिन भूभाग और गहराई के कारण बचाव दल को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ, जब सर्विस वैन मजदूरों को लेकर खदान क्षेत्र से बाहर निकल रही थी। अचानक मिट्टी खिसक गई और वाहन गहरी खाई में गिर पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए बीसीसीएल प्रबंधन ने आपात बैठक बुलाई है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता मजदूरों को निकालने और उनकी जान बचाने की है। खदान क्षेत्र में काम कर रहे अन्य मजदूरों और कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई है। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में मदद कर रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि मजदूरों की पहचान और उनकी सही संख्या की पुष्टि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही बताई जा सकती है। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम तैनात हैं, ताकि घायलों को तुरंत इलाज मिल सके। प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। वहीं, सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। धनबाद कोयला क्षेत्र में पिछले महीने भू-धंसान की कई घटनाएं हुई हैं। 27 अगस्त को केंदुआ कुसुंडा एरिया- 6 के गोधर में अचानक जमीन धंसने से अंजू देवी 15 फीट गड्ढे में समा गई थीं। उन्हें बड़ी मुश्किल से बचाया गया था। इसके पहले 18 अगस्त को जोगता थाना क्षेत्र में भू-धंसान से एक घर पूरी तरह जमींदोज हो गया था, जबकि पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए थे।




