
मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि तीन लोगों की मौत हो गई, एक घायल हैं और एक महिला लापता है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और लगभग 15-20 लोगों को बचा लिया गया है।
3 killed in Mandi flash flood, schools closed in Himachal town
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में सोमवार रात बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के कारण तीन लोगों की मौत हो गई, 20 से अधिक वाहन मलबे में दब गए और कई घरों में पानी भर गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
बारिश इतनी तेज थी कि शहर से गुजरने वाले नालों में तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में बहकर आया मलबा करीब पांच किलोमीटर के इलाके में फैल गया। इसके कारण जेल रोड, सैनी मोहल्ला और जोनल अस्पताल का इलाका सबसे अधिक प्रभावित हुआ।
मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि तीन लोगों की मौत हो गई, एक घायल हैं और एक महिला लापता है। उन्होंने बताया कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है और लगभग 15-20 लोगों को बचा लिया गया है।
चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘चार माइल’, ‘नौ माइल’ और दवाड़ा के पास सड़क बह गई जिससे इन हिस्सों में राजमार्ग को बंद कर दिया गया है।
इस हालिया आपदा ने मंडी जिले के लोगों व प्रशासन की मुसीबतें और बढ़ा दी है। करीब एक माह पहले 30 जून और एक जुलाई की मध्यरात मूसलधार बारिश के कारण सराज, नाचन, धर्मपुर और करसोग विधानसभा क्षेत्रों में 15 लोगों की जान चली गई थी।
इस बीच, लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने पुराने कांगड़ा घाट पर शिमला-मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया है और राज्य के कई हिस्सों से पेड़ उखड़ने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
मौसम विभाग स्थानीय कार्यालय ने अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया था। मंगलवार को कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई।
इसके अलावा मंगलवार को चंबा, शिमला और सिरमौर जिलों में और बुधवार को ऊना, कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।




