
गुरुवार को ‘हिंदू रक्षा दल’ के कार्यकर्ता केएफसी आउटलेट में जबरन घुस गए थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सावन महीने में केएफसी आउटलेट में नॉनवेज बेचा जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने ‘सावन में मीट नहीं बेचने देंगे’ नारे लगाते हुए केएफसी को बंद करा दिया था।
‘Hindu Raksha Dal’ created terror to shut down KFC outlet in Ghaziabad, police filed FIR against 10 unknown people
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में ‘हिंदू रक्षा दल’ के लोगों द्वारा केएफसी आउटलेट को जबरन बंद कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यूपी पुलिस ने इंटरनेशनल ब्रांड से जुड़े इस मामले में करीब 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सावन महीने में नॉनवेज बेचने का आरोप लगाते हुए कुछ युवकों ने गुरुवार को केएफसी आउटलेट पर धावा बोल दिया था और उसे जबरन बंद करा दिया था।
शिकायत के अनुसार, इंदिरापुरम के वसुंधरा सेक्टर-11 में गुरुवार को ‘हिंदू रक्षा दल’ के कुछ कार्यकर्ता कथित तौर पर केएफसी आउटलेट में जबरन घुस गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सावन महीने में केएफसी आउटलेट में नॉनवेज बेचा जा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने ‘सावन में मीट नहीं बेचने देंगे’ नारे लगाते हुए केएफसी आउटलेट को बंद करा दिया। इन कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर कर्मचारियों को भी धमकाया था।
हालांकि, बाद में नारेबाजी करते हुए यह प्रदर्शनकारी सड़क पर पहुंच गए थे। आरोप है कि प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में राहगीरों और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ा और कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। घटना की सूचना उपनिरीक्षक अंकुर सिंह राठौर की ओर से दर्ज कराई गई।
एफआईआर के अनुसार, उपनिरीक्षक अंकुर सिंह राठौर को सूचना मिली थी कि वसुंधरा सेक्टर-11 में केएफसी आउटलेट को खुला देखकर कुछ अज्ञात लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उपनिरीक्षक अमित कुमार चौहान और कांस्टेबल सुखवीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचने पर यह पुष्टि हुई कि प्रदर्शन से आमजन को परेशानी हो रही थी और यातायात बाधित था। तहरीर में बताया गया कि यह विरोध प्रदर्शन स्पष्ट रूप से प्रशासन के आदेश का उल्लंघन है, जो कांवड़ यात्रा और सावन महीने की धार्मिक भावना को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया था।
फिलहाल पुलिस ने 8 से 10 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अज्ञात में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इंदिरापुरम के सहायक पुलिस आयुक्त अभिषेक श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा, “सभी आरोपी लड़कों को चिन्हित किया जा रहा है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।”




