
हिमाचल प्रदेश के मंडी में बादल फटने से आई बाढ़ में 9 से ज्यादा लोगों की मौत, कई लोगों के लापता होने की खबर।
Himachal Pradesh cloudburst: 10 dead, 34 missing as cloudburst and flash floods
शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून अपने साथ तबाही लेकर आई है. बीते, 32 घंटे में हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदा में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 34 लोग लापता है. 5 लोग घायल हुए हैं. वहीं, अलग-अलग जगहों पर बाढ़ में फंसे 370 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. जबकि 9 लोग अभी भी फंसे हुए हैं. इस दौरान प्रदेश में 24 घरों को नुकसान पहुंचा है. 12 गौशालाएं क्षतिग्रस्त हुए है. कुल 30 मवेशियों की मौत हुई है. वहीं, एक पुल क्षतिग्रस्त हुआ है. इसके अलावा एक राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित है और एक हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट का भारी नुकसान हुआ है.
इस बार मानसून ने समय से पहले राज्य में दस्तक दी है, जिसके साथ ही पूरे प्रदेश में भारी बारिश का सिलसिला जारी है. वहीं, हिमाचल में कई जगहों पर बादल फटने और फ्लैश फ्लड से आई बाढ़ में कई लोगों की बहने से मौत हो गई तो कई लोग अभी भी लापता है. 20 जून को मानसून की एंट्री से लेकर 2 जुलाई तक मची तबाही में 61 लोगों की मौत हुई है और 40 लोग लापता है. जबकि 108 लोग घायल हुए हैं. वहीं, 114 मवेशियों की मौत हुई है.
मंडी में 15 जगहों पर फटा बादल, भारी तबाही
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने बीते 32 घंटों में सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. 16 जगहों पर बादल फटने और एक जगह फ्लैश फ्लड की घटना हुई है. सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुई है. मंडी जिले में अब तक 15 जगहों पर बादल फटने की घटना सामने आ चुकी है. वहीं, फ्लैश फ्लड और भारी तबाही से जिले को भारी नुकसान पहुंचा है. मंडी जिले में बीते 32 घंटे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. 5 लोग घायल हुए और 34 लोग अभी भी लापता है. जबकि 11 लोग अभी फंसे हुए है.
कुठाह में बादल फटने से 7-8 घर क्षतिग्रस्त
मंडी जिले कुठाह (थुनाग) में बादल फटने से 7 से 8 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. यहां कोई जनहानि की खबर नहीं है. इसके अलावा लस्सी मोड (थुनाग) में बादल फटने से एक वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है. रेल चौक (थुनाग) में भी बादल फटने से 3-4 मवेशी बह गए. मंडी जिले में पटीकरी एचईपी (16 मेगावाट) को अचानक आई बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है.
करसोग में 7 लोगों को किया गया रेस्क्यू
वहीं, मंडी जिले के कुट्टी बाईपास करसोग में बादल फटने से आए सैलाब में 7 लोग फंस गए थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है. एनडीआरएफ की टीम करसोग के लिए रवाना हो गई है. BDO करसोग टीम के लिए वाहन भेज रहे हैं. कुट्टी नाला में 2 लोगों की शव बरामद हुए हैं. वहीं, दो लोग लापता है. इसके अलावा भी मंडी जिले में कई जगह पर बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हुई है. इस घटना में फंसे 316 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है.
किन्नौर जिले में एक जगह फटा बादल
इसके अलावा किन्नौर जिले में भी बादल फटने की घटना सामने आई है. किन्नौर जिले में मोसुमा डोजे के तहत पटवार सर्कल में उपमहाल खरोगला रकछम में बादल फटने की घटना हुई है. घटना के कारण कुछ लोगों की निजी भूमि पर मलबा जमा हो गया है. हालांकि, अभी तक जान-माल के किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है.
हमीरपुर फ्लैश फ्लड में 51 लोगों का रेस्क्यू
डीईओसी हमीरपुर ने गांव बल्हा, जीपी खेरी तहसील सुजानपुर और जिला हमीरपुर के पास फ्लैश फ्लड की वजह से बाढ़ की सूचना दी है. इस घटना में ब्यास नदी में बढ़ते पानी के कारण बल्हा गांव में 4-5 परिवार के लोग फंसे हुए हैं. पुलिस स्टेशन सुजानपुर की टीम अब पहुंच रही है. डीईओसी हमीरपुर के अनुसार खेरी बल्लाह, सुजानपुर से कुल 51 लोगों का रेस्क्यू किया गया है. जिसमें 30 मजदूर और 21 स्थानीय लोग शामिल हैं. बचाव अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है.
चंबा जिले में भारी बारिश
डीईओसी चंबा ने बताया कि गांव हटली, तहसील सिहुंता और जिला चंबा के पास भारी बारिश की सूचना है. इस घटना में उसी गांव के निवासी मनप्रीत के घर में पानी और मलबा घुस गया. घर में अत्यधिक पानी घुसने के कारण तीन लोग घर में फंस गए, जिन्हें अब सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. पुलिस की एक टीम मौके पर मौजूद है.




