
असम के अलग अलग जगहों पर बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन में में दो और लोगों की जान चली गई, जिसके बाद सिक्किम समेत सात पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 50 हो गई है।
Rain and floods wreak havoc in Northeast, 50 dead so far, 1500 villages submerged
बाढ़ और भूस्खलन से पूर्वोत्तर का बुरा हाल है. असम से लेकर मणिपुर तक बाढ़, भूस्खलन (Assam Flood Landslide) से हाहाकार मचा हुआ है. जानें जा रही हैं, फसल की जमीन बर्बाद हो गई, लोगों के पास रहने के लिए घर तक नहीं है. खासकर असम और अरुणाचल प्रदेश में हालत बेहद खराब बताए जा रहे हैं. बुधवार को स्थिति में मामूली सुधार जरूर देखा गया, लेकिन हालात बहुत ज्यादा नहीं बदले हैं. बारिश में कुछ हद तक कमी जरूर देखी जा गई लेकिन पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में रात भर भारी बारिश होती रही.
असम में बाढ़-भूस्खलन से 19 मौतें
असम में दो और लोगों की जान चली गई, जिसके बाद सिक्किम समेत सात पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 50 हो गई है. 29 मई से अब तक अकेले असम में 19 लोगों की जान गई है. पूर्वोत्तर राज्यों के अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, 29 मई से अब तक अरुणाचल प्रदेश में 12, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 4, त्रिपुरा में 2 और नागालैंड और मणिपुर में एक-एक जान बाढ़ और भूस्खलन की वजह से गई है.
21 जिलों में 6.79 लाख लोग बारिश-बाढ़ प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जिलों में बाढ़ और बारिश से 6.79 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. 1,494 गांवों में 14,977 हेक्टेयर से ज्यादा फसल भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है. असम के श्रीभूमि में सबसे ज्यादा 2,59,601 लोग प्रभावित है, उसके बाद हैलाकांडी में 1,72,439 और नगांव में 1,02,716 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. राज्य में बाढ़ प्रभावितों के लिए कुल 190 राहत शिविर संचालित किए जा रहे है, जो 39,746 विस्थापित लोगों को आश्रय की सुविधा मुहैया करवा रहे हैं.
असम में आज भारी बारिश का अलर्ट
ब्रह्मपुत्र समेत 8 अन्य नदिया, बुरहिडीहिंग, कोपिली, बराक, सोनाई, रुकनी, धलेश्वरी, कटखल, कुशियारा असम में कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान जताया है. कहा गया है कि कि धुबरी, दक्षिण सलमारा-मनकाचर, ग्वालपारा और कोकराझार में गरज के साथ बारिश होने और बिजली चमकने और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है.
अरुणाचल में बह गया पुल, कटा गांवों का संपर्क
अरुणाचल प्रदेश के डिबांग वैली जिले में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हालात बहुत ही गंभीर हैं. भारी बारिश की वजह से नदी के उफान में पुल बह जाने से गांवों का संपर्क टूट गया है. प्रशासन अब ड्रोन और एयरड्रॉप के जरिए फंसे ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश में जुटा है.




