उप्र की जेलों में हनुमान चालिसा पढ़ेंगे कैदी, कारागार मंत्री बोल, “हनुमान से सीखेंगे पर्सनालिटी डवलपमेंट
The Prisoners chant Hanuman Chalisa in upper jails
उत्तर प्रदेश के जेलों में कैदी हनुमान चालिसा का पाठ करेंगे. सुंदर कांड पढ़ेंगे और बजरंग बली से पर्सनालिटी डवलपमेंट की बातें सीखेंगे. इसके लिए प्रदेश के जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने सभी जेल अधीक्षकों को इसके लिए समुचित इंतजाम करने और आवश्यकता के मुताबिक कैदियों को धार्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराने को कहा है.
जेल मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने यह जानकारी आजमगढ़ जेल में कैदियों के साथ संवाद करते हुए दी. उन्होंने कहा कि किसी को इसके लिए मजबूर नहीं किया जाएगा.
आजमगढ़ की जेल में कैदियों के साथ संवाद करने पहुंचे मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि यह कवायद कैदियों के व्यक्तित्व विकास के लिए की जा रही है. इसमें कोई धार्मिक मकसद नहीं है, ना ही कोई बाउंडेशन है. चूंकि हनुमान जी से बेहतर व्यक्तित्व विकास का कोई गुरु नहीं हो सकता. इसलिए सभी कैदियों से आग्रह किया जा रहा है कि वह हनुमान जी को पढ़ कर और उनसे समाज में बेहतर जीवन जीने का सलीका जरूर सीखें.
उन्होंने बताया कि जो कोई कैदी हनुमान चालीसा पढ़ना चाहता है, उसके लिए हमारी तरफ से किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी. मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि इससे पहले भी कई जेलों में जा चुके हैं. उन्होंने मथुरा और आगरा जेल में भी हनुमान चालिसा वितरित किया था. सामूहिक पाठ भी कराया था. उस समय इसके लिए कैदियों में होड़ मच गई थी. यही स्थिति आजमगढ़ में भी देखने को मिली है. इसलिए अब ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं कि कोई भी कैदी जो इस तरह की धार्मिक पुस्तकों की मांग करेंगे, उनके लिए जेल की लाइब्रेरी से उपलब्ध कराया जाएगा. यह व्यवस्था प्रदेश की सभी जेलों में की जा रही है.
उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद का एक मात्र उद्देश्य है कि जेल से अपनी सजा काट कर जब कैदी बाहर निकलें तो वह बिल्कुल सभ्य नागरिक के रूप में हों. उनकी बुद्धि और विचार सब बदल चुके हों. उन्होंने कैदियों से आग्रह किया कि वह अपने आप में सुधार करें. मंत्री ने बताया कि कई मुस्लिम कैदी भी इस समय जेलों में हिन्दू धर्म के ग्रंथ पढ़ रहे हैं. इसी प्रकार कई अन्य कैदी भी दूसरे धर्म के ग्रंथों का अध्ययन कर रहे हैं.




